ख़ुश्बू की तरह मेरी सांसो मे रेहाना……
लहू बनके मेरी नसनस मे बेहाना,
दोस्ती होती है रिस्तो का अनमोल गेहना………..*******
इसलिया इस दोस्ती को कभी अलविदा ना कहना.*
याद आए कभी तो आँखें बंद मत करना...........
हम ना भी मिलें तो गम मत करना!!!!
ज़रूरी तो नही के हम नेट पेर हैर रोज़ मिलें
मगर ये दोस्ती का एहसास कभी कम मत करना.......
दोस्ती उन से करो जो निभाना जानते हो..........
नफ़रत उन से करो जो भूलना जानते हो........
ग़ुस्सा उन से करो जो मानना जनता हो...........
प्यार उनसे करो जो दिल लुटाना जनता हो.............***
बहते अश्को की ज़ुबान नही होती,
लफ़्ज़ों मे मोहब्बत बयां नही होती,
मिले जो प्यार तो कदर करना,
किस्मत हर कीसी पर मेहरबां नही होती.
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ज़िंदगी गमो का पुलिंदा है,
ख़ुशियाँ आज कल चुनिंदा है,
कभी याद कर लिया करो इश्स नाचीज़ को,
ये शक्स अभी तक ज़िंदा है
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